Wednesday, April 24, 2019

प्रमुख भारतीय वनस्पति शास्त्री

* विलियम राक्सवर्ग - भारतीय वनस्पति विज्ञान के जनक
* एस०आर० कश्यप  - भारतीय ब्रायोफाइटा विज्ञान के पिता
* एम०ओ० पी० आयंगर { फाइकोलाजी} - भारतीय आधुनिक शैवाल के पिता
* के०सी० मेहता - पादप रोग
* पी० परीजा - पादप शरीर क्रिया विज्ञान
* वीरबल साहनी - पुरा वनस्पति विज्ञान [ Pelaeobotany ] भारतीय जीवाश्म वनस्पति विज्ञान के पिता
* आर० मिश्रा - पारिस्थितिकी [ Ecology ]
* डा० बी०पी० पाल - पादप प्रजनन
* डा० एम० एस० स्वामीनाथन - पादप आनुवंशिकी [ भारत में हरित क्रांति के जनक ]
* डा० जगदीश चन्द्र बोस - शरीर क्रिया विज्ञानी ।

Tuesday, April 23, 2019

CELL ( कोशिका )

कोशिका :-

*"कोशिका जीवधारियों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक ईकाइ है ।"
 * कोशिका का अधध्यन कोशाविज्ञान या CYTOLOGY कहलाता है 
 * सर्वप्रथम कोशा 1665 में राबर्ट हुक द्वारा खोजी गयी 
 * स्लाइडेन और शवान ने कोशिका सिद्धांत दिया 
 * स्वतः जनन की क्षमता कोशिका की विशेषता है 
 * यह घावो को भरने मे मदद करती है 
 * इसमे पुनरुदभवन की क्षमता होती है 

कोशिका दो प्रकार की होती है -

1 प्रोकैरियाटिक  कोशिका 

( नीलहरित शैवाल एवं बैक्टीरिया )

2  यूकैरियोटिक कोशिका

( मनुष्य , जीव जन्तुओं में )

Thursday, April 18, 2019

Humen Heart

मानव शरीर में सुविकसित हृदय पाया जाता हैं जो दोनों फेफड़ों के मध्य स्थित होता है । यह गुलाबी रंग का होता है 
जो कार्डिक पेशी का बना होता है । 





महत्वपूर्ण तथ्य :-

1॰ विश्व में सर्वप्रथम क्रिश्चन बर्नाल्ड ने हृदय का प्रत्यारोपण किया ।
2. भारत में डा० बेडू गोपाल ने हृदय का प्रत्यारोपण किया। 
3. मनुष्यों में हृदय , पुरुषो मे 300 ग्रा० और स्त्रियों में कुछ कम होता है ।
4. हृदय के दो भाग होते हैं -

1. आलिन्द

2. निलय

आलिन्द के दो भाग होते है -
दायाँ आलिन्द , बायाँ आलिन्द 
इसी प्रकार निलय के भी दो भाग होते हैं -
दायाँ  निलय , बायां निलय 

इस प्रकार हमारे हृदय मे चार कोष्ठ होते हैं

5. हमारा हृदय संक्वाकार होता है। 
दायें आलिन्द मे अशुद्ध रक्त होता है ।  
बाएँ आलिन्द मे शुद्ध रक्त होता है । 
हमारा हृदय कार्डिक पेशी का बना होता है ।
हृदय से फेफड़े मे अशुद्ध रक्त फ़ुफ्फुसीय धमनी लेकर जाती है ।