अलग-अलग मानव के डीएनए के न्यूक्लियोटाइड्स क्रम की तुलना करके उनके बीच संबंध के अध्ययन की प्रक्रिया को डीएनए फिंगर प्रिंटिंग कहते हैं। इसकी खोज एलेक्स जेफरी व उनके सहयोगियों ने 1985 में की। इस विधि का अधिक उपयोग प्राणियों के संबंधों को निश्चित करने के लिए तथा अनेक अपराधों जैसे हत्या बलात्कार आदि की जांच में किया जाता है।
इस क्रिया में निम्न चरण होते हैं-
1. डीएनए पृथक करना
2. डीएनए काटना
3. जेल इलेक्ट्रोफॉरेसिस
4. प्रोब का VNTRs के साथ बंधना
5. फिंगर प्रिंटिंग
इस क्रिया में निम्न चरण होते हैं-
1. डीएनए पृथक करना
2. डीएनए काटना
3. जेल इलेक्ट्रोफॉरेसिस
4. प्रोब का VNTRs के साथ बंधना
5. फिंगर प्रिंटिंग

