Tuesday, October 22, 2019

डीएनए फिंगर प्रिंटिंग

      अलग-अलग मानव के डीएनए के न्यूक्लियोटाइड्स क्रम की तुलना करके उनके बीच संबंध के अध्ययन की प्रक्रिया को डीएनए फिंगर प्रिंटिंग कहते हैं। इसकी खोज एलेक्स जेफरी व उनके सहयोगियों ने 1985 में की। इस विधि का अधिक उपयोग प्राणियों के संबंधों को निश्चित करने के लिए तथा अनेक अपराधों जैसे हत्या बलात्कार आदि की जांच में किया जाता है।
    इस क्रिया में निम्न चरण होते हैं-
1. डीएनए पृथक करना
2. डीएनए काटना
3. जेल इलेक्ट्रोफॉरेसिस
4. प्रोब का VNTRs के साथ बंधना
5. फिंगर प्रिंटिंग

Wednesday, April 24, 2019

प्रमुख भारतीय वनस्पति शास्त्री

* विलियम राक्सवर्ग - भारतीय वनस्पति विज्ञान के जनक
* एस०आर० कश्यप  - भारतीय ब्रायोफाइटा विज्ञान के पिता
* एम०ओ० पी० आयंगर { फाइकोलाजी} - भारतीय आधुनिक शैवाल के पिता
* के०सी० मेहता - पादप रोग
* पी० परीजा - पादप शरीर क्रिया विज्ञान
* वीरबल साहनी - पुरा वनस्पति विज्ञान [ Pelaeobotany ] भारतीय जीवाश्म वनस्पति विज्ञान के पिता
* आर० मिश्रा - पारिस्थितिकी [ Ecology ]
* डा० बी०पी० पाल - पादप प्रजनन
* डा० एम० एस० स्वामीनाथन - पादप आनुवंशिकी [ भारत में हरित क्रांति के जनक ]
* डा० जगदीश चन्द्र बोस - शरीर क्रिया विज्ञानी ।

Tuesday, April 23, 2019

CELL ( कोशिका )

कोशिका :-

*"कोशिका जीवधारियों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक ईकाइ है ।"
 * कोशिका का अधध्यन कोशाविज्ञान या CYTOLOGY कहलाता है 
 * सर्वप्रथम कोशा 1665 में राबर्ट हुक द्वारा खोजी गयी 
 * स्लाइडेन और शवान ने कोशिका सिद्धांत दिया 
 * स्वतः जनन की क्षमता कोशिका की विशेषता है 
 * यह घावो को भरने मे मदद करती है 
 * इसमे पुनरुदभवन की क्षमता होती है 

कोशिका दो प्रकार की होती है -

1 प्रोकैरियाटिक  कोशिका 

( नीलहरित शैवाल एवं बैक्टीरिया )

2  यूकैरियोटिक कोशिका

( मनुष्य , जीव जन्तुओं में )

Thursday, April 18, 2019

Humen Heart

मानव शरीर में सुविकसित हृदय पाया जाता हैं जो दोनों फेफड़ों के मध्य स्थित होता है । यह गुलाबी रंग का होता है 
जो कार्डिक पेशी का बना होता है । 





महत्वपूर्ण तथ्य :-

1॰ विश्व में सर्वप्रथम क्रिश्चन बर्नाल्ड ने हृदय का प्रत्यारोपण किया ।
2. भारत में डा० बेडू गोपाल ने हृदय का प्रत्यारोपण किया। 
3. मनुष्यों में हृदय , पुरुषो मे 300 ग्रा० और स्त्रियों में कुछ कम होता है ।
4. हृदय के दो भाग होते हैं -

1. आलिन्द

2. निलय

आलिन्द के दो भाग होते है -
दायाँ आलिन्द , बायाँ आलिन्द 
इसी प्रकार निलय के भी दो भाग होते हैं -
दायाँ  निलय , बायां निलय 

इस प्रकार हमारे हृदय मे चार कोष्ठ होते हैं

5. हमारा हृदय संक्वाकार होता है। 
दायें आलिन्द मे अशुद्ध रक्त होता है ।  
बाएँ आलिन्द मे शुद्ध रक्त होता है । 
हमारा हृदय कार्डिक पेशी का बना होता है ।
हृदय से फेफड़े मे अशुद्ध रक्त फ़ुफ्फुसीय धमनी लेकर जाती है ।